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अब मुंबई में घर रखना होगा और महंगा! प्रॉपर्टी टैक्स बढ़ाने की तैयारी पूरी

BMC ने रिकॉर्ड ₹6213 करोड़ टैक्स वसूली के बाद भी नया बोझ डालने की तैयारी की, जानिए किन इलाकों पर पड़ेगा सबसे ज्यादा असर और क्यों 10 साल बाद लिया गया ये बड़ा फैसला?

By Saloni uniyal
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अब मुंबई में घर रखना होगा और महंगा! प्रॉपर्टी टैक्स बढ़ाने की तैयारी पूरी
अब मुंबई में घर रखना होगा और महंगा! प्रॉपर्टी टैक्स बढ़ाने की तैयारी पूरी

मुंबई में रहने वाले लोगों पर वित्तीय बोझ और बढ़ने जा रहा है। हाल ही में लागू किए गए कचरा टैक्स के बाद अब प्रॉपर्टी टैक्स (Property Tax) में भी बढ़ोतरी की तैयारी की जा रही है। बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) ने इस संबंध में 12.5 से 13% तक टैक्स बढ़ाने का प्रस्ताव तैयार कर लिया है, जिसे मंजूरी के लिए बीएमसी कमिश्नर भूषण गगरानी को भेजा गया है। इसके बाद यह प्रस्ताव राज्य सरकार की अनुमति के लिए भेजा जाएगा। अगर यह प्रस्ताव पास हो जाता है, तो मुंबईकरों को प्रॉपर्टी टैक्स के रूप में भारी रकम चुकानी होगी।

10 साल बाद फिर बढ़ेगा प्रॉपर्टी टैक्स, कोरोना के चलते रुका था संशोधन

बीएमसी अधिकारियों के मुताबिक, मुंबई में आखिरी बार वर्ष 2015 में प्रॉपर्टी टैक्स बढ़ाया गया था। बीएमसी के नियमों के अनुसार हर 5 वर्षों में टैक्स दरों की समीक्षा की जाती है, लेकिन 2020 में प्रस्तावित बढ़ोतरी को कोरोना महामारी के कारण रोक दिया गया था। अब जब आर्थिक गतिविधियां सामान्य हो चुकी हैं, तो बीएमसी इस लंबित बढ़ोतरी को लागू करने की दिशा में सक्रिय हो गई है। यानी लगभग 10 साल बाद मुंबईकरों को दोबारा प्रॉपर्टी टैक्स में इजाफे का सामना करना पड़ेगा।

BMC ने रिकॉर्ड तोड़ी टैक्स वसूली, अब टैक्स बढ़ाने की तैयारी

बीएमसी ने वित्तीय वर्ष 2024-25 के दौरान निर्धारित ₹6213 करोड़ प्रॉपर्टी टैक्स का लक्ष्य न केवल हासिल किया, बल्कि उसे पार भी कर लिया। 31 मार्च 2025 को समाप्त हुए वित्तीय वर्ष में बीएमसी ने कुल ₹6213 करोड़ की वसूली की, जिसमें से ₹178.39 करोड़ जुर्माने के रूप में वसूले गए हैं। यह अब तक की सबसे अधिक प्रॉपर्टी टैक्स वसूली है, जिसने बीएमसी के आर्थिक ढांचे को मजबूत किया है। पिछली बार 2021-22 में बीएमसी को ₹5791 करोड़ की वसूली हुई थी।

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सबसे ज्यादा वसूली अंधेरी और बांद्रा पूर्व से

बीएमसी की वॉर्ड-वार वसूली रिपोर्ट के अनुसार, सबसे ज्यादा प्रॉपर्टी टैक्स ईस्ट वॉर्ड (अंधेरी पूर्व) से ₹568 करोड़ वसूला गया है। इसके बाद एच ईस्ट वॉर्ड (बांद्रा पूर्व) से ₹526 करोड़ टैक्स के रूप में बीएमसी के खाते में आया है। ये दोनों क्षेत्र बीएमसी के लिए राजस्व के बड़े स्रोत बने हुए हैं। यह साफ दर्शाता है कि मुंबई के व्यावसायिक और घनी आबादी वाले क्षेत्रों से बीएमसी को सबसे ज्यादा आय होती है।

सबसे कम वसूली सैंडहर्स्ट रोड से

जहां एक ओर अंधेरी और बांद्रा जैसे क्षेत्रों से रिकॉर्ड वसूली हुई, वहीं दूसरी ओर बी वॉर्ड (सैंडहर्स्ट रोड) से सबसे कम ₹36.33 करोड़ की प्रॉपर्टी टैक्स वसूली हुई। इसी प्रकार आर नॉर्थ वॉर्ड (दहिसर) से ₹75.65 करोड़ और सी वॉर्ड (कालबादेवी) से ₹87.83 करोड़ बीएमसी को प्राप्त हुए हैं। इस असमानता के पीछे प्रमुख कारण वॉर्ड्स की जनसंख्या घनत्व, प्रॉपर्टी की कीमतें और व्यावसायिक गतिविधियों की संख्या मानी जा रही है।

प्रॉपर्टी टैक्स वृद्धि को लेकर नागरिकों में नाराजगी

मुंबईकर पहले से ही महंगाई और टैक्स के बढ़ते बोझ से परेशान हैं। हाल ही में लागू किया गया कचरा टैक्स (Garbage Tax) अब तक शहर में विवादों का कारण बना हुआ है। ऐसे में प्रॉपर्टी टैक्स में 13% तक की संभावित बढ़ोतरी नागरिकों को और नाराज कर सकती है। स्थानीय नागरिक संगठनों और हाउसिंग सोसायटियों ने बीएमसी के इस प्रस्ताव पर आपत्ति जताते हुए कहा है कि बिना नागरिकों की राय लिए टैक्स में बढ़ोतरी करना अनुचित है।

बीएमसी का तर्क: सुविधाएं बढ़ाने के लिए जरूरी है टैक्स वृद्धि

बीएमसी का कहना है कि मुंबई जैसे महानगर में बुनियादी सुविधाएं—जैसे सड़कें, सीवेज, पानी की आपूर्ति और Renewable Energy आधारित प्रोजेक्ट्स—को बनाए रखने और सुधारने के लिए राजस्व की आवश्यकता है। प्रॉपर्टी टैक्स इसका एक अहम स्रोत है। बीएमसी अधिकारियों के अनुसार, टैक्स दरों में 10 साल से कोई बदलाव नहीं हुआ है, जबकि इस दौरान महंगाई और खर्च में कई गुना इजाफा हो चुका है। इसलिए यह संशोधन आवश्यक है।

टैक्स बढ़ा तो आम आदमी की जेब पर असर

अगर 13% की बढ़ोतरी लागू हो जाती है, तो इसका सीधा असर मुंबई के करोड़ों निवासियों पर पड़ेगा। जिन फ्लैटों और प्रॉपर्टीज़ की टैक्स दर अभी ₹10,000 है, वे अब ₹11,300 तक पहुंच सकती हैं। इससे ना सिर्फ हाउसिंग बजट पर असर पड़ेगा, बल्कि किराए की दरें भी बढ़ सकती हैं, जिससे किराए पर रहने वालों को भी अतिरिक्त बोझ झेलना पड़ेगा।

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