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मनरेगा मजदूरों को मिलेगा BPL में नाम जुड़वाने का मौका! अभी जान लो क्या है स्कीम

हिमाचल सरकार की बड़ी घोषणा: अगर आपने MNREGA में 100 दिन काम किया है तो अब आपको मिल सकता है BPL श्रेणी में शामिल होने का मौका! जानें प्रक्रिया, लाभ और जरूरी जानकारी जो आपके जीवन को बदल सकती है।

By Saloni uniyal
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मनरेगा मजदूरों को मिलेगा BPL कार्ड में नाम जुड़वाने का मौका! अभी जान लो क्या है स्कीम
मनरेगा मजदूरों को मिलेगा BPL कार्ड में नाम जुड़वाने का मौका! अभी जान लो क्या है स्कीम

हिमाचल प्रदेश के ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज विभाग ने प्रदेश के मनरेगा (MNREGA) मजदूरों के लिए एक बड़ी राहत भरी घोषणा की है। अब 100 दिन तक मनरेगा में लगातार काम करने वाले मजदूरों को बीपीएल (BPL) सूची में सशर्त शामिल किया जाएगा। इस फैसले से प्रदेश के लाखों गरीब परिवारों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। विभाग ने बीपीएल श्रेणी के लिए नए मापदंड तय किए हैं, जिनमें मनरेगा मजदूरों को विशेष प्राथमिकता दी गई है।

1 अप्रैल से आवेदन प्रक्रिया शुरू, कमेटियों द्वारा होगी जांच

पंचायतीराज विभाग के अनुसार, 1 अप्रैल 2025 से ही बीपीएल सूची में शामिल होने के लिए आवेदन प्रक्रिया आरंभ हो चुकी है। इच्छुक मनरेगा मजदूर जिन्होंने बीते वर्ष 100 दिन काम किया है, वे आवेदन कर सकते हैं। इसके बाद गठित कमेटियां तय मानकों के आधार पर आवेदनकर्ताओं की पात्रता की जांच करेंगी और पात्र पाए जाने पर उन्हें बीपीएल सूची में स्थान दिया जाएगा।

डीआरडीए (DRDA) के कार्यकारी परियोजना अधिकारी केएल वर्मा ने जानकारी देते हुए कहा कि, “इस बार बीपीएल चयन में खासतौर पर उन मजदूरों को शामिल करने के निर्देश दिए गए हैं, जिन्होंने मनरेगा के अंतर्गत लगातार 100 दिन मजदूरी की है। इससे उन्हें सरकारी योजनाओं और सब्सिडी का सीधा लाभ मिल सकेगा।”

हिमाचल में कितने मजदूर होंगे लाभांवित?

इस समय हिमाचल प्रदेश में कुल 1,07,907 मनरेगा मजदूर ऐसे हैं जिन्होंने 100 दिन तक कार्य किया है। यह आंकड़ा प्रदेश के विभिन्न जिलों से संकलित किया गया है। आंकड़ों के अनुसार:

  • बिलासपुर में 2,965 मजदूर
  • चंबा में 28,502 मजदूर
  • हमीरपुर में 2,851 मजदूर
  • कांगड़ा में 8,678 मजदूर
  • किन्नौर में 1,147 मजदूर
  • कुल्लू में 11,169 मजदूर
  • लाहौल-स्पीति में 76 मजदूर
  • मंडी में 30,284 मजदूर
  • शिमला में 9,933 मजदूर
  • सिरमौर में 6,605 मजदूर
  • सोलन में 2,350 मजदूर
  • ऊना में 3,347 मजदूर

इन सभी मजदूरों को अब बीपीएल में शामिल होने का अवसर मिलेगा, जिससे वे सरकार की कई योजनाओं जैसे राशन कार्ड, आवास योजना, वृद्धावस्था पेंशन, उज्ज्वला योजना और अन्य लाभ प्राप्त कर सकेंगे।

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प्रदेश में कुल जारी जॉब कार्ड और रोजगार के आंकड़े

हिमाचल प्रदेश में अभी तक 15,14,909 जॉब कार्ड MNREGA के तहत जारी किए गए हैं, जिनमें से 7,14,728 परिवारों को रोजगार दिया गया है। इनमें एक खास बात यह है कि 6,04,410 महिलाएं इस रोजगार में सीधे तौर पर जुड़ी हैं।

अब तक मनरेगा के अंतर्गत प्रदेश में 3,91,83,154 व्यक्तिगत कार्य दिवस अर्जित किए गए हैं, जिनमें से 2,49,43,244 कार्य दिवस अकेले महिलाओं द्वारा अर्जित किए गए हैं। यह न केवल महिला सशक्तिकरण का प्रतीक है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्र में महिलाओं की आर्थिक स्थिति को भी दर्शाता है।

बीपीएल सूची में आने से क्या लाभ मिलेंगे?

बीपीएल (Below Poverty Line) सूची में शामिल होने से परिवारों को सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का सीधा लाभ मिलता है। इसमें प्रधानमंत्री आवास योजना, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत सस्ता राशन, स्वास्थ्य बीमा योजना, बिजली और एलपीजी सब्सिडी, छात्रवृत्तियाँ और कई अन्य योजनाएं शामिल हैं।

मनरेगा मजदूरों को बीपीएल में शामिल करना इस दिशा में एक सकारात्मक कदम है जिससे उनकी सामाजिक और आर्थिक स्थिति में सुधार आएगा।

आगे क्या?

अब देखना यह होगा कि विभाग द्वारा बनाए गए नए मापदंड कितनी पारदर्शिता और त्वरित कार्रवाई के साथ लागू किए जाते हैं। पंचायत स्तर पर कमेटियों की निष्पक्षता और कार्यप्रणाली पर इस योजना की सफलता निर्भर करेगी। यदि इसे ईमानदारी से लागू किया गया तो यह हिमाचल प्रदेश के लाखों ग्रामीण मजदूरों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकता है।

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