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सरकार बनते ही खत्म होगा वक्फ बिल!’ ममता बनर्जी ने दी खुली चेतावनी, राशिद अल्वी के बयान के बाद गरमाई सियासत

Waqf Amendment Bill पास होते ही देश की राजनीति में मचा बवाल! ममता बनर्जी ने BJP पर लगाया देश को बांटने का आरोप, कहा- सत्ता बदलते ही रद्द होगा ये बिल। कांग्रेस भी आई साथ, लोकसभा में 12 घंटे चली तीखी बहस। जानिए कौन-क्या बोला और आगे क्या हो सकता है बड़ा कदम!

By Saloni uniyal
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सरकार बनते ही खत्म होगा वक्फ बिल!' ममता बनर्जी ने दी खुली चेतावनी, राशिद अल्वी के बयान के बाद गरमाई सियासत
सरकार बनते ही खत्म होगा वक्फ बिल!’ ममता बनर्जी ने दी खुली चेतावनी, राशिद अल्वी के बयान के बाद गरमाई सियासत

Waqf Amendment Bill को लेकर देश की सियासत गरमा गई है। लोकसभा में इस विधेयक को मंजूरी मिलने के बाद से विपक्ष लगातार हमलावर है। बिल के पक्ष में 288 और विपक्ष में 232 मत पड़े, जिसके बाद इसे लोकसभा में पास कर दिया गया। इस पर अब West Bengal की मुख्यमंत्री Mamta Banerjee ने भी तीखा बयान दिया है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जब देश में नई सरकार बनेगी, तब इस वक्फ कानून को रद्द करने के लिए संशोधन पेश किया जाएगा।

12 घंटे तक चली बहस के बाद पास हुआ बिल, विपक्ष ने बताया ‘मुस्लिम विरोधी’

वक्फ (संशोधन) विधेयक को पारित कराने के लिए संसद की कार्यवाही लगभग 12 घंटे तक चली। गुरुवार की सुबह तक चली इस बहस के बाद आखिरकार इसे लोकसभा की मंजूरी मिल गई। लेकिन बिल के पास होते ही विपक्ष का आक्रोश बढ़ गया है। कांग्रेस नेता Rashid Alvi ने पहले ही कहा था कि “हमारी सरकार बनते ही इस कानून को रद्द कर देंगे।”

अब ममता बनर्जी ने भी लगभग यही बात दोहराई है। उन्होंने साफ कहा, “जब भाजपा नीत सरकार को हटाकर नई सरकार बनेगी, तो हम इस वक्फ विधेयक को निष्प्रभावी करने के लिए संशोधन लेकर आएंगे।”

Mamta Banerjee का आरोप- “देश को बांटने के लिए लाया गया बिल”

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आरोप लगाया है कि भाजपा देश को बांटने की नीति पर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि, “यह वक्फ संशोधन बिल केवल एक समुदाय को निशाना बनाने की कोशिश है। भाजपा की हमेशा से ‘फूट डालो और राज करो’ की नीति रही है और यह बिल उसी का हिस्सा है।”

ममता ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि उनके सांसद दिल्ली में वक्फ बिल पर चर्चा के लिए उपस्थित हैं और वे इस विधेयक के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद कर रहे हैं।

भाजपा ने बताया अल्पसंख्यकों के लिए लाभकारी, विपक्ष ने कहा- ‘मुस्लिम विरोधी’

जहां भाजपा और एनडीए सरकार ने इस बिल को अल्पसंख्यकों के लिए लाभकारी बताया है, वहीं विपक्षी दलों ने इसे ‘मुस्लिम विरोधी’ करार दिया है। विपक्ष का कहना है कि यह कानून समुदाय विशेष के खिलाफ है और सामाजिक ताने-बाने को नुकसान पहुंचाने वाला है।

कांग्रेस नेता राशिद अल्वी ने भाजपा पर तीखा हमला करते हुए कहा, “जिस तरह भाजपा और आरएसएस ने बाबरी मस्जिद ढहाने का काम किया, यह बिल उसी मानसिकता की उपज है। अगर नीतीश कुमार और चंद्रबाबू नायडू जैसे नेता इस बिल का समर्थन करते हैं, तो वे भी मुस्लिम विरोधी नीतियों में शामिल माने जाएंगे।”

Mamta Banerjee ने न्यायपालिका के फैसले पर भी जताई असहमति

ममता बनर्जी ने वक्फ बिल के साथ-साथ स्कूल शिक्षकों की नियुक्तियों पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले को लेकर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा, “मैं न्यायपालिका का सम्मान करती हूं, लेकिन इस फैसले से असहमत हूं। क्या भाजपा चाहती है कि बंगाल की शिक्षा प्रणाली पूरी तरह ध्वस्त हो जाए?”

उन्होंने कहा कि वे 7 अप्रैल को नेताजी इंडोर स्टेडियम में उन लोगों से मिलेंगी जिनकी नौकरियां चली गई हैं। साथ ही ये भी कहा कि अगर इस कदम के लिए भाजपा उन्हें जेल भेजना चाहती है, तो वे इसके लिए तैयार हैं।

वकीलों से करेंगे मामले की समीक्षा

Mamta Banerjee ने SSC घोटाले के आरोपों पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि उनके वकील इस मामले की पूरी समीक्षा करेंगे। “मुझे पता है कि उम्मीदवारों का मनोबल गिरा हुआ है, लेकिन मैं उनके साथ हूं।”

मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि अगर उनके अभ्यर्थियों का साथ देने पर भाजपा उन्हें जेल भेजना चाहती है, तो वे इसका सामना करने को तैयार हैं।

वक्फ बिल पर आगे क्या होगा?

Waqf Amendment Bill को लेकर आने वाले समय में राजनीतिक पारा और चढ़ सकता है। विपक्ष का कहना है कि अगर 2024 या उससे पहले सरकार बदलती है, तो यह कानून रद्द कर दिया जाएगा। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि राज्यसभा में यह विधेयक कैसे पेश किया जाता है और वहां इसकी क्या स्थिति बनती है।

इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर यह स्पष्ट कर दिया है कि वक्फ बिल आने वाले चुनावों में बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन सकता है, खासकर मुस्लिम वोटबैंक और धर्मनिरपेक्षता की बहस के केंद्र में।

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