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डीजल के दाम में लगी आग! कर्नाटक सरकार ने बढ़ाया रेट, जानें नया प्राइस

LPG सिलेंडर सस्ता होते ही आया डीजल का झटका! कर्नाटक सरकार ने अप्रैल की शुरुआत में ही जनता को दिया महंगाई का नया तोहफा, जानिए बढ़ी कीमतों से कैसे बदलेगा आपके खर्च का गणित

By Saloni uniyal
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डीजल के दाम में लगी आग! कर्नाटक सरकार ने बढ़ाया रेट, जानें नया प्राइस
डीजल के दाम में लगी आग! कर्नाटक सरकार ने बढ़ाया रेट, जानें नया प्राइस

कर्नाटक की कांग्रेस सरकार ने Diesel Price Hike को लेकर बड़ा कदम उठाया है, जिससे आम जनता पर महंगाई का बोझ और बढ़ गया है। 1 अप्रैल 2025 से डीजल पर राज्य सरकार ने बिक्री कर (Karnataka Sales Tax – KST) की दर को 18.4% से बढ़ाकर 21.17% कर दिया है, जिससे डीजल की कीमत में सीधे 2 रुपये प्रति लीटर का इजाफा हो गया है। यह निर्णय ऐसे समय पर लिया गया है जब बीते दिनों दूध की कीमतों में भी भारी बढ़ोतरी की गई थी, जिससे गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ा है।

डीजल पर बढ़ा टैक्स, 91.02 रुपये हुई नई कीमत

सिद्धारमैया सरकार के इस कदम के बाद अब कर्नाटक में डीजल की नई कीमत 91.02 रुपये प्रति लीटर हो गई है। इससे पहले यह कीमत लगभग 89 रुपये प्रति लीटर के आसपास थी। सरकार की ओर से टैक्स दरों में बदलाव का यह सीधा असर आम जनता पर पड़ा है, खासतौर पर उन लोगों पर जो रोज़मर्रा के जीवन में डीजल से चलने वाले वाहनों का उपयोग करते हैं।

अखिला कर्नाटक पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन के अनुसार, टैक्स दर में इस बदलाव से डीजल की कीमत में औसतन 2 से 2.75 रुपये तक की बढ़ोतरी हुई है। यह बढ़ोतरी 1 अप्रैल 2025 से लागू कर दी गई है और अब यह पूरे राज्य में प्रभावी है।

पड़ोसी राज्यों की तुलना में अब भी सस्ता है डीजल

हालांकि कर्नाटक में Diesel Price Hike के बाद डीजल की कीमत 91.02 रुपये तक पहुंच गई है, फिर भी यह कई पड़ोसी राज्यों के मुकाबले अभी भी सस्ता है। उदाहरण के तौर पर तमिलनाडु के होसुर में डीजल की कीमत 94.42 रुपये, केरल के कासरगोड में 95.66 रुपये, आंध्र प्रदेश के अनंतपुर में 97.35 रुपये, तेलंगाना के हैदराबाद में 95.70 रुपये और महाराष्ट्र के कागल में 91.07 रुपये प्रति लीटर है। इसके बावजूद कर्नाटक की जनता को यह वृद्धि एक बड़ा झटका लग रही है, खासकर जब हाल ही में दूध की कीमतों में भी चार रुपये प्रति लीटर का इजाफा किया गया था।

एलपीजी सिलेंडर के सस्ते होने के बाद आया डीजल महंगा

दिलचस्प बात यह है कि 1 अप्रैल को ही एलपीजी सिलेंडर की कीमत में राहत दी गई थी। LPG Cylinder Price Drop के तहत 19 किलोग्राम के कॉमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमत में 41 रुपये की कटौती की गई थी। इससे व्यापारिक वर्ग को थोड़ी राहत जरूर मिली, लेकिन शाम होते-होते डीजल के दाम बढ़ाकर सरकार ने इस राहत का प्रभाव कम कर दिया।

LPG सिलेंडर की कीमतों में यह गिरावट देश भर में लागू की गई थी, लेकिन डीजल की कीमतों में यह बढ़ोतरी केवल कर्नाटक में की गई है, जिससे राज्य की जनता को विशेष रूप से प्रभावित होना पड़ा है।

सार्वजनिक परिवहन और ट्रांसपोर्ट सेक्टर पर असर

इस Diesel Price Hike का सबसे ज्यादा असर परिवहन क्षेत्र पर देखने को मिल रहा है। डीजल की कीमतें बढ़ने से सार्वजनिक परिवहन, माल ढुलाई और ट्रकिंग सेवाओं की लागत में वृद्धि होना तय है। इसका सीधा असर यात्रियों पर पड़ सकता है, क्योंकि आने वाले दिनों में बस और ऑटो किराए में इजाफा हो सकता है।

ट्रांसपोर्ट यूनियनों और पब्लिक ट्रांसपोर्ट ऑपरेटर्स की ओर से इस बढ़ोतरी का विरोध भी जताया जा सकता है, क्योंकि यह निर्णय पहले से ही महंगाई झेल रही जनता के लिए और भी समस्याएं खड़ी कर सकता है।

जनता की जेब पर दोहरा भार

डीजल और दूध—दोनों ही आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में बढ़ोतरी से जनता को दोहरी मार झेलनी पड़ रही है। बीते दिनों कर्नाटक में दूध की कीमतों में चार रुपये प्रति लीटर का इजाफा हुआ था, जो पहले से ही बजट पर असर डाल रहा था। अब डीजल के दाम बढ़ने से न सिर्फ परिवहन महंगा होगा, बल्कि इससे जुड़ी सभी सेवाओं और वस्तुओं की कीमतों पर भी असर देखने को मिल सकता है।

सरकार को झेलनी पड़ रही आलोचना

विपक्षी दलों और आम नागरिकों की ओर से इस निर्णय की तीखी आलोचना हो रही है। लोगों का कहना है कि कांग्रेस सरकार चुनावों से पहले विकास के बड़े-बड़े वादे कर सत्ता में आई थी, लेकिन अब आम जनता को लगातार महंगाई का सामना करना पड़ रहा है।

जहां केंद्र सरकार एलपीजी सिलेंडर के दाम घटाकर राहत देने की कोशिश कर रही है, वहीं राज्य सरकार का डीजल महंगा करना एक विरोधाभासी कदम माना जा रहा है।

पिछली बार जून 2024 में बढ़े थे डीजल के दाम

गौरतलब है कि इससे पहले डीजल की कीमतों में आखिरी बार जून 2024 में बढ़ोतरी हुई थी। तब भी राज्य सरकार ने टैक्स दरों में फेरबदल कर कीमतें बढ़ाई थीं। अब एक बार फिर अप्रैल की शुरुआत में ही डीजल महंगा कर जनता पर महंगाई का नया बोझ डाला गया है।

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