
गर्मी का मौसम आते ही बाजार में रूह अफ़ज़ा की मांग तेजी से बढ़ जाती है। इस ठंडक और ताजगी देने वाले शरबत का नाम सुनते ही लोगों के मन में इसकी मीठी खुशबू और गुलाबी रंग की छवि उभर आती है। लेकिन क्या आपको पता है कि यह पसंदीदा शरबत अब आप घर पर ही बना सकते हैं, वो भी सिर्फ दो मुख्य सामग्रियों से? घर पर बना रूह अफ़ज़ा न सिर्फ बाजार से ज्यादा शुद्ध होता है बल्कि इसमें कोई कृत्रिम रंग या प्रिज़र्वेटिव भी नहीं होता, जिससे यह स्वास्थ्य के लिहाज से भी अधिक लाभकारी बनता है।
रूह अफ़ज़ा का राज छुपा है गुलाब की पंखुड़ियों में
रूह अफ़ज़ा की पहचान उसके खुशबूदार स्वाद और गुलाबी रंग से होती है, जो मुख्यतः गुलाब की पंखुड़ियों से आता है। इस घरेलू नुस्खे में ताज़ी या सूखी गुलाब की पंखुड़ियों का इस्तेमाल किया जाता है। गुलाब न केवल खुशबू देता है बल्कि यह शरीर को ठंडक पहुंचाने में भी मदद करता है, जो गर्मियों के मौसम में बेहद जरूरी हो जाता है।
चीनी और पानी से बनती है गाढ़ी चाशनी
गुलाब की पंखुड़ियों को चीनी और पानी के साथ मध्यम आंच पर पकाया जाता है। धीरे-धीरे यह मिश्रण गाढ़ा होने लगता है और एक मीठी चाशनी बन जाती है। इस प्रक्रिया में कोई भी रासायनिक तत्व नहीं डाला जाता, जिससे इसका स्वाद और शुद्धता बरकरार रहती है। यही कारण है कि घर पर बना रूह अफ़ज़ा बाजार के प्रोडक्ट्स की तुलना में अधिक सुरक्षित होता है।
हर्बल अर्क और केवड़ा जल से बढ़ता है स्वाद और लाभ
इस शरबत को और भी असरदार और स्वादिष्ट बनाने के लिए इसमें केवड़ा जल और कुछ खास हर्बल अर्क मिलाए जाते हैं। हर्बल अर्क जैसे- सौंफ, इलायची, खस आदि को मिलाने से इसका स्वाद और खुशबू दोनों निखरते हैं। साथ ही ये हर्ब्स शरीर को अंदर से ठंडा रखने में मदद करते हैं और पाचन क्रिया को भी दुरुस्त करते हैं। यही वजह है कि रूह अफ़ज़ा सिर्फ स्वाद के लिए नहीं, बल्कि सेहत के लिए भी कारगर माना जाता है।
छानने और ठंडा करने के बाद बनता है परफेक्ट सिरप
जब यह मिश्रण पूरी तरह से पक जाए और एक गाढ़ी चाशनी का रूप ले ले, तब इसे एक महीन कपड़े या छलनी से छानकर ठंडा किया जाता है। यह प्रक्रिया इसे साफ और अवशेष-मुक्त बनाती है। इसके बाद इसे एक कांच की बोतल में भरकर फ्रिज में स्टोर किया जा सकता है। अच्छी बात यह है कि यह सिरप लंबे समय तक खराब नहीं होता और जब चाहें इसे इस्तेमाल में लिया जा सकता है।
ठंडे पानी, दूध या सोडा के साथ लें ताजगी का आनंद
घर पर बना रूह अफ़ज़ा सिरप कई तरह से उपयोग किया जा सकता है। इसे ठंडे पानी में मिलाकर साधारण शरबत की तरह पिया जा सकता है, या फिर दूध में मिलाकर इसे मिल्कशेक की तरह भी इंजॉय किया जा सकता है। कई लोग इसे सोडा के साथ मिलाकर एक तरह का कूलर बनाते हैं जो गर्मी के मौसम में बेहद फ्रेशिंग लगता है। ऊपर से बर्फ के टुकड़े डाल देने पर यह पेय और भी ताजगी भरा बन जाता है।
बाजार से सस्ता, सेहत के लिए बेहतर विकल्प
घर पर बना रूह अफ़ज़ा शरबत न सिर्फ स्वादिष्ट और खुशबूदार होता है, बल्कि बाजार में मिलने वाले ब्रांडेड शरबत्स से कहीं ज्यादा किफायती भी होता है। साथ ही इसमें कोई भी मिलावट या हानिकारक रसायन नहीं होता, जिससे यह बच्चों और बुजुर्गों के लिए भी पूरी तरह सुरक्षित होता है। यही कारण है कि अब लोग बाजार से रूह अफ़ज़ा खरीदने की बजाय Homemade Ruh Afza बनाना ज्यादा पसंद कर रहे हैं।
घर पर रूह अफ़ज़ा बनाना अब और भी आसान
अगर आपके घर में गुलाब की पंखुड़ियां और चीनी उपलब्ध है, तो आप भी आसानी से इस गर्मी में ठंडक का आनंद उठा सकते हैं। एक बार बना लेने के बाद यह सिरप 2 से 3 महीनों तक आराम से चल सकता है। इससे न केवल आपका खर्च बचेगा, बल्कि आप खुद और अपने परिवार को एक शुद्ध, घरेलू और सेहतमंद पेय भी दे पाएंगे।