
Myanmar Earthquake Video बीते 28 मार्च को म्यांमार में दोपहर के भोजन के समय आया 7.7 तीव्रता का भूकंप देश के इतिहास में एक सदी से अधिक समय में आया सबसे शक्तिशाली भूकंप रहा। इस भूकंप-Earthquake ने दक्षिण-पूर्व एशियाई देश में भयानक तबाही मचा दी। हज़ारों लोग मौत के मुंह में समा गए, जबकि कई अब भी लापता हैं। इस प्राकृतिक आपदा की भयावहता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि इस विनाशकारी झटके ने प्राचीन पगोडाओं से लेकर आधुनिक इमारतों तक को मलबे में तब्दील कर दिया।
मलबे में 15 घंटे तक फंसा रहा परिवार, वायरल Video ने किया भावुक
भूकंप के कुछ दिनों बाद एक वायरल वीडियो ने इंटरनेट पर लोगों को भावुक कर दिया। वीडियो में एक बुजुर्ग महिला और उसकी दो पोतियों को उनके नष्ट हो चुके घर के मलबे के नीचे एक संकरे एयर पॉकेट में जीवित दिखाया गया है। यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें देखा जा सकता है कि कैसे किशोर लड़कियां मदद के लिए चीखती-चिल्लाती हैं, जबकि मलबा चारों ओर फैला हुआ है।
दावा किया जा रहा है कि ये तीनों महिलाएं करीब 15 घंटे तक मलबे के नीचे फंसी रहीं। उनके पास संयोगवश एक मोबाइल फोन था जिसकी रोशनी में वे एक-दूसरे को देख पा रही थीं और धीरे-धीरे मलबा हटाने का प्रयास कर रही थीं। अंततः बचावकर्मियों की मदद से उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला गया।
CNN को बताया भयावह अनुभव, “अंधेरे में थे पर फोन की रौशनी ने दी उम्मीद”
CNN को दिए इंटरव्यू में पीड़ित महिलाओं ने अपने खौफनाक अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि जब उनका मकान ढह गया तो वे पूरी तरह अंधेरे में फंस गई थीं। एक महिला ने बताया, “हम भाग्यशाली थे कि हमारे पास फोन था जिसकी टॉर्च से हम देख पा रहे थे। अगर वह फोन नहीं होता तो शायद हम जिंदा न बचते। हमने एक-दूसरे के ऊपर पड़े मलबे को हटाने की कोशिश की।”
दूसरी महिला ने कहा, “इस अनुभव ने हमें यह सिखाया कि कुछ भी स्थायी नहीं है। हमें अच्छे कर्म करने चाहिए क्योंकि मृत्यु कभी भी आ सकती है और कर्म हमारा पीछा नहीं छोड़ते।”
म्यांमार में मौत का आंकड़ा 2000 पार, बचाव कार्य जारी
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, Myanmar Earthquake में अब तक 2,065 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 3,900 से अधिक लोग घायल हुए हैं और कम से कम 270 लोग लापता हैं। राहत और बचाव दल अब भी प्रभावित क्षेत्रों में मलबा हटाकर जीवित बचे लोगों की तलाश में जुटे हुए हैं। कई इलाकों में संचार सेवाएं और बिजली अब तक बाधित हैं जिससे राहत कार्यों में देरी हो रही है।
विशेषज्ञों के मुताबिक यह भूकंप इस क्षेत्र के लिए चेतावनी है कि प्राकृतिक आपदाएं-Natural Disasters कभी भी और कहीं भी आ सकती हैं, और इसके लिए मजबूत इन्फ्रास्ट्रक्चर तथा आपातकालीन प्रबंधन व्यवस्था की ज़रूरत है।
वीडियो बना इंसानियत की मिसाल, भावनात्मक टिप्पणी कर रहे लोग
सोशल मीडिया पर वायरल इस वीडियो को देख लाखों लोग भावुक हो गए हैं। यूजर्स ने इस वीडियो को “इंसानियत की जिद और ज़िंदा रहने की उम्मीद” का प्रतीक बताया है। कई लोगों ने इसे साझा करते हुए लिखा कि यह वीडियो बताता है कि किस तरह विपत्ति के समय भी आशा की एक किरण बनी रहती है।
विशेषज्ञों की चेतावनी: और भूकंप आने की संभावना
भूकंप वैज्ञानिकों का कहना है कि म्यांमार जिस टेक्टोनिक जोन में स्थित है, वहां भविष्य में और भी शक्तिशाली भूकंप आ सकते हैं। ऐसे में इस क्षेत्र में Earthquake Resistant Infrastructure का निर्माण और आम लोगों में आपदा प्रबंधन की जानकारी होना बेहद जरूरी है।
सरकार और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं की अपील
म्यांमार सरकार ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से मदद की अपील की है। संयुक्त राष्ट्र और विभिन्न गैर सरकारी संगठनों ने राहत सामग्री भेजनी शुरू कर दी है। इस भूकंप ने एक बार फिर दुनिया को यह याद दिला दिया है कि प्राकृतिक आपदाएं सीमाओं से परे होती हैं और इनसे निपटने के लिए वैश्विक सहयोग ज़रूरी है।