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Fake Property Registry: फर्जी रजिस्ट्री से जा सकती है आपकी ज़मीन! अब ऐसे करें तुरंत शिकायत

आजकल जमीन की फर्जी रजिस्ट्री के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। अगर आपकी जमीन किसी ने अपने नाम करवा ली है, तो तुरंत ऐसे करें पुलिस, कोर्ट या रजिस्ट्री ऑफिस में शिकायत। जानिए पूरा ऑनलाइन-ऑफलाइन प्रोसेस विस्तार से ताकि आप धोखाधड़ी से बच सकें।

By Saloni uniyal
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Fake Property Registry: फर्जी रजिस्ट्री से जा सकती है आपकी ज़मीन! अब ऐसे करें तुरंत शिकायत
Fake Property Registry: फर्जी रजिस्ट्री से जा सकती है आपकी ज़मीन! अब ऐसे करें तुरंत शिकायत

आज के समय में Real Estate निवेश को सबसे सुरक्षित और लाभकारी विकल्पों में गिना जाता है। लेकिन Fake Property Registry के मामलों में लगातार बढ़ोतरी ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। हाल के वर्षों में कई ऐसे केस सामने आए हैं, जहां धोखेबाजों ने किसी और की जमीन पर फर्जी दस्तावेज़ तैयार कर रजिस्ट्री करवा ली और उसे बेच भी दिया। इससे न केवल असली मालिक को आर्थिक नुकसान होता है, बल्कि कई बार कोर्ट-कचहरी के चक्कर भी काटने पड़ते हैं।

अगर आपकी जमीन की फर्जी रजिस्ट्री कर दी गई है, तो यह जान लेना ज़रूरी है कि आप इस फर्जीवाड़े के खिलाफ कानूनी और प्रशासनिक दोनों तरीकों से शिकायत दर्ज कर सकते हैं। शिकायत की प्रक्रिया को समझना और समय पर सही एक्शन लेना आपके हित में होता है।

रजिस्ट्रार ऑफिस में ऐसे दर्ज करें शिकायत

अगर आपको शक है कि आपकी जमीन पर किसी ने धोखाधड़ी से रजिस्ट्री करवा ली है, तो सबसे पहले Registrar या Sub-Registrar Office में जाकर शिकायत दर्ज करानी चाहिए। यहां आपको अपने प्रॉपर्टी डॉक्युमेंट्स दिखाकर यह बताना होगा कि संबंधित रजिस्ट्री आपकी जानकारी और अनुमति के बिना की गई है।

ऑफिसर आपके द्वारा दिए गए दस्तावेजों की जांच करेगा और यदि फर्जीवाड़ा प्रमाणित होता है, तो उस फर्जी रजिस्ट्री को कैंसिल करने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाती है। इसके लिए आपको जमीन से संबंधित सभी मूल दस्तावेज़, पहचान पत्र और फर्जी रजिस्ट्री की कॉपी पेश करनी होगी।

पुलिस थाने में दर्ज करें FIR

यदि मामला गंभीर है और रजिस्ट्री के ज़रिए जमीन बेच दी गई है, तो आपको तुरंत स्थानीय पुलिस स्टेशन में जाकर FIR दर्ज करानी चाहिए। इसके तहत आप भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 318 या अन्य उपयुक्त धाराओं के तहत धोखाधड़ी और बेईमानी की रिपोर्ट कर सकते हैं।

पुलिस के पास शिकायत दर्ज कराने से इस केस को क्रिमिनल फ्रॉड माना जाता है, जिससे संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई तेज़ी से की जा सकती है।

ऑनलाइन ऐसे दर्ज करें शिकायत

Fake Property Registry की शिकायत Online भी की जा सकती है, खासकर अगर आप उत्तर प्रदेश या बिहार जैसे राज्यों से हैं। यहां के नागरिक Inspector General of Registration (IGR) की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर शिकायत दर्ज कर सकते हैं।

ऑनलाइन शिकायत दर्ज करने के लिए आपको वेबसाइट पर लॉगइन कर जरूरी विवरण जैसे प्रॉपर्टी का पता, फर्जी रजिस्ट्री की तारीख और संबंधित व्यक्ति की जानकारी भरनी होती है। साथ ही अपने मूल दस्तावेज़ अपलोड करने होते हैं।

इस पोर्टल के ज़रिए शिकायत दर्ज करना तेज़ और ट्रैक करने योग्य होता है। इसके अलावा कई राज्य Revenue Department की वेबसाइट पर भी इस तरह की शिकायतों के लिए लिंक उपलब्ध कराते हैं।

सिविल कोर्ट में दायर करें दावा

अगर कोई व्यक्ति आपकी जमीन को फर्जी रजिस्ट्री के माध्यम से अपने नाम करवा चुका है, तो आप सीधे Civil Court में जाकर अपना दावा ठोक सकते हैं।

कोर्ट में आप यह साबित कर सकते हैं कि आपके पास मूल दस्तावेज हैं और संबंधित रजिस्ट्री फर्जी है। कोर्ट इस मामले की जांच के बाद फर्जी दस्तावेजों को अमान्य घोषित कर सकती है और आपको कब्जा या मुआवजा दिलवा सकती है।

इस प्रक्रिया में समय लग सकता है, लेकिन यह कानूनी तौर पर सबसे मजबूत रास्ता है।

जमीन खरीदने से पहले करें वेरिफिकेशन

Property Verification एक ज़रूरी कदम है, जिसे अक्सर लोग नज़रअंदाज़ कर देते हैं। जमीन खरीदते समय यह देखना बहुत ज़रूरी है कि जो व्यक्ति जमीन बेच रहा है, वह कानूनी रूप से उसका मालिक है या नहीं।

आप रजिस्ट्रार ऑफिस या ऑनलाइन पोर्टल के ज़रिए यह चेक कर सकते हैं कि जमीन किसके नाम पर रजिस्टर्ड है। साथ ही जमीन पर कोई कानूनी विवाद या लोन आदि बकाया तो नहीं है, ये भी जांचना चाहिए।

अगर आप बिना वेरिफिकेशन के जमीन खरीदते हैं और बाद में फर्जीवाड़ा सामने आता है, तो नुकसान केवल आपका ही होगा।

डॉक्यूमेंट की भूमिका सबसे अहम

Fake Property Registry की शिकायत करते समय आपके पास सभी संबंधित दस्तावेज़ होना अनिवार्य है। जैसे – जमीन की मूल रजिस्ट्री, खसरा-खतौनी, पहचान पत्र, बिजली-पानी के बिल, और फर्जी रजिस्ट्री की कॉपी।

यदि आपके पास ये दस्तावेज़ नहीं हैं, तो आप न तो शिकायत पूरी कर पाएंगे और न ही कोर्ट में अपना दावा सिद्ध कर पाएंगे। इसलिए प्रॉपर्टी से जुड़े हर दस्तावेज़ को सुरक्षित रखना बेहद ज़रूरी है।

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