
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) एक बड़ी सुविधा की तैयारी में जुटा है, जिससे PF सब्सक्राइबर्स को अपने फंड का अधिक लाभ मिल सकेगा। EPFO की ओर से Auto Settlement Limit को मौजूदा ₹1 लाख से बढ़ाकर ₹5 लाख किए जाने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। यह प्रस्ताव श्रम एवं रोजगार मंत्रालय की सचिव सुमिता डावरा द्वारा हाल ही में श्रीनगर, जम्मू एवं कश्मीर में आयोजित केंद्रीय न्यासी बोर्ड (CBT) की कार्यकारी समिति (EC) की 113वीं बैठक में प्रस्तुत किया गया था और इसे मंजूरी भी मिल चुकी है।
अब यह प्रस्ताव CBT की आखिरी मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। मंजूरी मिलने के बाद 7.5 करोड़ EPFO सदस्यों को PF Advance Claim के लिए ₹5 लाख तक की राशि ऑटोमैटिक तरीके से निकालने की सुविधा मिल सकेगी, जिसमें किसी प्रकार की मैनुअल प्रक्रिया या पेपरवर्क की जरूरत नहीं होगी।
ऑटो-सेटलमेंट प्रक्रिया से समय और श्रम दोनों की बचत
EPFO की ऑटो-सेटलमेंट प्रक्रिया हाल के वर्षों में बेहद प्रभावी साबित हुई है। 6 मार्च 2025 तक, रिकॉर्ड 2.16 करोड़ ऑटो-क्लेम का निपटान किया जा चुका है, जबकि पिछले साल यह संख्या मात्र 89.52 लाख थी। यानी दावों के निपटान में 2.5 गुना से ज्यादा की वृद्धि हुई है।
इस सिस्टम की सबसे बड़ी खासियत यह है कि अब 95% दावे तीन दिन के अंदर अपने आप निपटा दिए जा रहे हैं। केंद्रीय भविष्य निधि आयुक्त रमेश कृष्णमूर्ति ने बताया कि इस प्रक्रिया ने दावों के निपटान को बेहद आसान और तेज बना दिया है। अब दावेदारों को लंबा इंतजार नहीं करना पड़ता, और मानवीय हस्तक्षेप की आवश्यकता भी बहुत कम हो गई है।
यह भी देखें- ₹5 लाख तक PF निकालने की मिलेगी छूट? मोदी सरकार की तैयारी से नौकरीपेशा खुश
ऑटोमैटिक क्लेम सेटलमेंट के दायरे में अब ज्यादा कैटेगरी
EPFO ने उन कैटेगरी में भी विस्तार किया है, जिनके लिए एडवांस क्लेम का ऑटोमैटिक सेटलमेंट संभव है। इनमें बीमारी, शिक्षा, विवाह, घर खरीदने जैसी प्रमुख ज़रूरतें शामिल हैं। इन सुधारों का असर यह हुआ है कि क्लेम रिजेक्शन की दर भी काफी घट गई है। जहां पिछले साल रिजेक्शन रेट 50% था, वह अब घटकर केवल 30% रह गया है।
इसका अर्थ है कि अधिकतर लोग अब अपने PF से जुड़ी आवश्यकताओं को बिना किसी परेशानी के पूरा कर पा रहे हैं। अगर Auto Settlement Limit को ₹5 लाख तक बढ़ा दिया जाता है, तो यह सुविधा और भी ज्यादा कारगर और लाभकारी हो जाएगी।
यह भी पढें- PF पेंशन ₹7,500 करने की तैयारी! नई सिफारिश से करोड़ों को मिलेगा फायदा
डिजिटल इंडिया की दिशा में बड़ा कदम
इस ऑटोमैटिक प्रोसेस को EPFO की ओर से डिजिटल इंडिया पहल के तहत एक बड़ा कदम माना जा रहा है। रमेश कृष्णमूर्ति के अनुसार, EPFO इस प्रक्रिया को और अधिक यूजर फ्रेंडली और स्मार्ट बनाने की दिशा में काम कर रहा है, ताकि PF फंड तक पहुंच सभी के लिए सहज हो।
ऑटो-सेटलमेंट प्रोसेस न सिर्फ प्रोसेसिंग टाइम को कम करता है, बल्कि ट्रांसपेरेंसी और भरोसे को भी बढ़ाता है। ऐसे में भविष्य में आने वाले समय में सदस्य बिना किसी मानसिक दबाव के अपने PF फंड को इमरजेंसी में इस्तेमाल कर पाएंगे।
EPFO के इस कदम से बदल सकता है फाइनेंशियल प्लानिंग का परिदृश्य
EPFO की यह पहल खासकर उन लोगों के लिए राहत लेकर आएगी जो किसी बड़ी ज़िम्मेदारी जैसे शादी, घर खरीदना या बीमारी के वक्त अपने PF फंड का उपयोग करना चाहते हैं। अभी तक सिर्फ ₹1 लाख तक की राशि ही ऑटोमैटिक प्रोसेस से निकलती थी, लेकिन ₹5 लाख की लिमिट लागू होने से बड़ी ज़रूरतें भी आसानी से पूरी की जा सकेंगी।
फाइनेंशियल प्लानिंग के लिहाज़ से यह बदलाव बहुत अहम है, क्योंकि इससे लोग अपने जमा पैसों को इमरजेंसी में तुरंत कैश में बदल सकेंगे। इससे बैंक लोन लेने या कर्ज़ के चक्र में फंसने की संभावना भी घटेगी।