
Dairy Farming Loan Scheme आज के दौर में ग्रामीण अर्थव्यवस्था का अहम हिस्सा बन चुकी है। खेती के साथ-साथ पशुपालन (Animal Husbandry) न सिर्फ किसानों की आमदनी का जरिया बना है, बल्कि आत्मनिर्भर भारत (Atmanirbhar Bharat) की दिशा में भी एक बड़ा कदम है। इसी को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने डेयरी फार्मिंग लोन योजना (Dairy Farming Loan Yojana) की शुरुआत की है। इस योजना के तहत किसानों और पशुपालकों को 50 हजार से लेकर 40 लाख रुपए तक का लोन सब्सिडी के साथ दिया जा रहा है।
खेती के साथ अब करें डेयरी व्यवसाय की शुरुआत
ग्रामीण इलाकों में अधिकतर किसान खेती के साथ अन्य छोटे व्यवसाय भी करते हैं। इनमें से पशुपालन सबसे आम और लाभकारी विकल्प माना जाता है। अब किसान केवल दुधारू पशु पालकर भी अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं। सरकार की डेयरी फार्मिंग लोन योजना उन्हीं लोगों के लिए है जो डेयरी यूनिट स्थापित करना चाहते हैं लेकिन उनके पास पर्याप्त पूंजी नहीं है। यह योजना ऐसे युवाओं और किसानों के लिए एक सुनहरा अवसर है जो अपना खुद का डेयरी बिजनेस शुरू करने की सोच रहे हैं।
ऑनलाइन आवेदन से आसान हुआ डेयरी फॉर्म लोन
इस योजना के तहत आवेदन की प्रक्रिया को पूरी तरह ऑनलाइन कर दिया गया है। आवेदक किसी भी राज्य से इस स्कीम का फायदा उठा सकते हैं। केंद्र सरकार और राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (NDDB) के तहत यह योजना चलाई जा रही है। इच्छुक आवेदक अपने राज्य की डेयरी विभाग या कृषि कार्यालय से भी इसकी जानकारी ले सकते हैं, लेकिन आवेदन प्रक्रिया डिजिटल पोर्टल से ही पूरी होगी।
डेयरी फॉर्मिंग लोन स्कीम के लिए पात्रता क्या है?
इस योजना का लाभ लेने के लिए कुछ आवश्यक योग्यताएं निर्धारित की गई हैं। सबसे पहले, आवेदक की उम्र 18 से 65 वर्ष के बीच होनी चाहिए। इसके अलावा कम से कम चार से पांच दुधारू पशु (जैसे गाय या भैंस) का होना जरूरी है। साथ ही 0.25 एकड़ जमीन पशुओं के चारे के लिए होनी चाहिए। यह जमीन आवेदक की खुद की हो या लीज पर ली गई हो, दोनों मान्य हैं। योजना का लाभ सिर्फ उन्हीं को मिलेगा जो इन मानकों पर खरे उतरेंगे।
कितनी राशि का मिल सकता है लोन और सब्सिडी?
डेयरी फार्मिंग लोन योजना के तहत आवेदकों को न्यूनतम ₹50,000 और अधिकतम ₹40 लाख तक का लोन मिल सकता है। इस लोन पर सरकार द्वारा सब्सिडी भी प्रदान की जाती है, जो आमतौर पर 25% से 33% तक हो सकती है। यानी अगर कोई आवेदक ₹10 लाख का लोन लेता है, तो उसे 2.5 लाख से 3.3 लाख रुपए तक की सब्सिडी मिल सकती है। इससे लोन की कुल लागत काफी कम हो जाती है और बिजनेस शुरू करने में आर्थिक मदद मिलती है।
किन दस्तावेजों की होगी जरूरत?
डेयरी फार्म लोन स्कीम के तहत आवेदन करते समय कुछ आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे। इसमें सबसे पहले आधार कार्ड, पहचान पत्र (ID Proof), नव माह का बैंक स्टेटमेंट, डेयरी फॉर्म बिजनेस प्लान रिपोर्ट, फॉर्म का नक्शा, पासपोर्ट साइज फोटो और संपर्क नंबर की आवश्यकता होगी। सभी दस्तावेजों के सत्यापन के बाद ही आवेदन को स्वीकृति दी जाएगी।
डेयरी फार्मिंग कैसे बनेगा मुनाफे का सौदा?
अगर योजना के तहत लोन स्वीकृत हो जाता है, तो किसान अपने स्तर पर दुधारू पशुओं की खरीद, फार्म निर्माण, चारा प्रबंधन और दूध की सप्लाई चेन को बेहतर बना सकता है। आजकल दूध, दही, पनीर, घी जैसी डेयरी प्रोडक्ट्स की मांग लगातार बढ़ रही है। ऐसे में यह व्यवसाय न केवल आत्मनिर्भरता बढ़ाता है, बल्कि हर महीने स्थायी आमदनी का स्रोत भी बन सकता है।
सरकार क्यों दे रही है इतना बड़ा सब्सिडी लोन?
भारत सरकार का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ाना और दूध उत्पादन में आत्मनिर्भर बनना है। डेयरी सेक्टर को प्रोत्साहन देने के लिए सरकार ने इस तरह की स्कीम लॉन्च की हैं, जिससे गांव के युवा, महिला समूह और किसान परिवार खुद का व्यवसाय शुरू कर सकें। रिन्यूएबल एनर्जी-Renewable Energy की तरह डेयरी सेक्टर भी सरकार की प्राथमिकताओं में है, जहां स्थायी विकास को बढ़ावा दिया जा रहा है।