
गैस चूल्हा (Gas Stove) आज भी भारतीय रसोईघर की रीढ़ की हड्डी है। चाहे आधुनिक किचन हो या पारंपरिक, गैस चूल्हे का सही से काम करना बेहद जरूरी है। लेकिन कई बार उपयोग के दौरान यह देखा गया है कि चूल्हे की लौ धीमी हो जाती है या वह ठीक से नहीं जलता। ऐसी स्थिति में खाना पकाना मुश्किल हो जाता है और यह गैस की खपत भी बढ़ा देता है। अगर आपका गैस चूल्हा ठीक से काम नहीं कर रहा है, तो घबराने की जरूरत नहीं है। कुछ सरल घरेलू उपायों से आप इस समस्या को आसानी से हल कर सकते हैं।
गैस सप्लाई की स्थिति की जांच करें
गैस चूल्हे की खराबी का सबसे आम कारण गैस सप्लाई में रुकावट हो सकती है। सबसे पहले यह जांचें कि गैस सिलेंडर में पर्याप्त मात्रा में गैस है या नहीं। कभी-कभी गैस खत्म होने के करीब होती है और इसका असर लौ की तीव्रता पर पड़ता है। इसके अलावा, गैस रेगुलेटर की स्थिति भी जांचें। यह सुनिश्चित करें कि रेगुलेटर सही से फिट है और उसमें कोई लीकेज या जाम की स्थिति नहीं है। आप रेगुलेटर को एक बार बंद कर फिर से खोलें, ताकि गैस फ्लो को रिसेट किया जा सके। यह एक सामान्य लेकिन असरदार तरीका है जिससे कई बार समस्या तुरंत हल हो जाती है।
बर्नर की नियमित सफाई है बेहद जरूरी
गैस बर्नर (Gas Burner) की सफाई भी चूल्हे के सही काम न करने का प्रमुख कारण बन सकती है। खाना पकाते वक्त तेल और खाद्य पदार्थों की छींटें बर्नर के छिद्रों में जाकर जमा हो जाती हैं, जिससे गैस ठीक से बाहर नहीं निकल पाती। इससे लौ या तो धीमी हो जाती है या कभी-कभी बर्नर पूरी तरह बंद हो जाता है। ऐसे में बर्नर को निकालकर गर्म पानी में 10 से 15 मिनट तक भिगोएं। फिर किसी पुरानी टूथब्रश या टूथपिक की मदद से बर्नर के छिद्रों की गहराई से सफाई करें। ध्यान रखें कि बर्नर को पूरी तरह सूखने के बाद ही वापस लगाएं।
गैस पाइप की स्थिति को नजरअंदाज न करें
अक्सर लोग गैस पाइप (Gas Pipe) की तरफ ध्यान नहीं देते, जबकि यह भी गैस के प्रवाह में अहम भूमिका निभाता है। यदि पाइप में कोई मोड़ है, उसमें फुंसी हुई है या वह पुराना और जंग लगा हुआ है, तो यह गैस फ्लो में रुकावट पैदा कर सकता है। ऐसी स्थिति में पाइप को सीधा करें और अगर वह क्षतिग्रस्त है, तो बिना देरी किए नया पाइप लगवाएं। यह काम किसी प्रमाणित गैस तकनीशियन की सहायता से करवाना ज्यादा सुरक्षित होता है।
एयर वेंट की सफाई से लौ में फर्क महसूस होगा
गैस बर्नर के नीचे स्थित एयर वेंट (Air Vent) लौ के रंग और तीव्रता को नियंत्रित करता है। अगर एयर वेंट में धूल या ग्रीस जम गया है, तो ऑक्सीजन की आपूर्ति कम हो जाती है और लौ पीली या नारंगी हो सकती है। यह संकेत है कि जलने की प्रक्रिया अधूरी है और गैस की बर्बादी हो रही है। एयर वेंट की सफाई के लिए एक पतली सुई या सेफ्टी पिन का उपयोग करें। यह सफाई सावधानीपूर्वक और बिना ज्यादा दबाव के करनी चाहिए ताकि वेंट्स की बनावट को नुकसान न पहुंचे।
गैस नॉब की स्थिति भी मायने रखती है
कई बार समस्या गैस चूल्हे के नॉब (Knob) में होती है, जिसे अक्सर नजरअंदाज कर दिया जाता है। अगर नॉब पूरी तरह से खुला नहीं है या उसमें कोई जाम की स्थिति है, तो गैस प्रवाह बाधित हो सकता है। इस स्थिति में नॉब को पूरी तरह से घुमाएं और देखें कि लौ सामान्य हो रही है या नहीं। अगर नॉब घूमने में अटक रहा है या ढीला महसूस हो रहा है, तो इसकी मरम्मत करवा लें या नया नॉब लगवाएं।
अगर समस्या बनी रहे तो विशेषज्ञ से संपर्क करें
यदि ऊपर बताए गए सभी उपायों को अपनाने के बावजूद भी आपका गैस चूल्हा सही से काम नहीं कर रहा है, तो इसे नजरअंदाज न करें। किसी प्रमाणित गैस तकनीशियन से संपर्क करें जो गैस लीकेज, रेगुलेटर खराबी या बर्नर डैमेज जैसी गहरी समस्याओं की जांच कर सके। समय पर की गई मरम्मत न सिर्फ आपके चूल्हे की कार्यक्षमता बढ़ाएगी, बल्कि गैस की बचत और सुरक्षा के लिए भी जरूरी है।