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चारधाम यात्रा से पहले संकट! नए वायरस से मचा हड़कंप, सरकार ने कसी कमर

30 अप्रैल से शुरू हो रही Chardham Yatra पर मंडराया खतरा, Equine Influenza Virus मिलने के बाद उत्तराखंड सरकार अलर्ट, अब हर घोड़े के लिए जरूरी होगी मेडिकल रिपोर्ट, जानें सरकार की पूरी तैयारी।

By Saloni uniyal
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चारधाम यात्रा से पहले संकट! नए वायरस से मचा हड़कंप, सरकार ने कसी कमर
चारधाम यात्रा से पहले संकट! नए वायरस से मचा हड़कंप, सरकार ने कसी कमर

चारधाम यात्रा (Chardham Yatra) के शुभारंभ से पहले उत्तराखंड में एक चिंता का विषय सामने आया है। यात्रा से कुछ सप्ताह पहले घोड़े और खच्चरों में एक खतरनाक वायरस एक्वाईन इन्फ्लुएंजा (Equine Influenza Virus) की पुष्टि हुई है। इस खुलासे के बाद उत्तराखंड सरकार सतर्क हो गई है और ऐहतियातन कई सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। खासकर पशुपालन विभाग ने संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए तत्काल एक्शन लिया है।

रुद्रप्रयाग में बनाए गए दो क्वारंटीन सेंटर, स्क्रीनिंग अनिवार्य

पशुपालन मंत्री सौरभ बहुगुणा ने मंगलवार को सचिवालय में अधिकारियों के साथ आपात बैठक की। बैठक में उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि किसी भी स्थिति में चारधाम यात्रा में संक्रमित या संदिग्ध पशु शामिल न हों। इस दिशा में रुद्रप्रयाग जिले के फाटा और कोटमा में दो क्वारंटीन सेंटर (Quarantine Centres) बनाए गए हैं, जहां घोड़ों और खच्चरों की जांच की जा रही है। मंत्री ने कहा कि सभी अश्ववंशीय पशुओं की स्क्रीनिंग अनिवार्य की जाएगी और रिपोर्ट निगेटिव आने पर ही उन्हें यात्रा पर ले जाने की अनुमति दी जाएगी।

12 पशुओं में वायरस की पुष्टि, सैंपलिंग बढ़ाई गई

अब तक 12 अश्ववंशीय पशुओं में एक्वाईन इन्फ्लुएंजा वायरस की पुष्टि हो चुकी है। इन सभी पशुओं को क्वारंटीन में रखा गया है। पशुपालन मंत्री ने निर्देश दिए हैं कि उत्तराखंड के पांच जिलों से घोड़े-खच्चरों के सैंपल लिए जाएं। इन सैंपलों की जांच इंडियन वेटरी रिसर्च इंस्टीट्यूट मुक्तेश्वर (Indian Veterinary Research Institute Mukteshwar) में की जाएगी। इस रिपोर्ट के आधार पर ही पशुओं को यात्रा में शामिल होने की अनुमति दी जाएगी।

रिपोर्ट दिखाना होगा अनिवार्य, लापरवाही पर सख्त कार्रवाई

सरकार ने साफ कर दिया है कि चारधाम यात्रा में भाग लेने वाले सभी पशुपालकों को अपने घोड़े-खच्चरों की स्वास्थ्य रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी। रिपोर्ट दिखाना अनिवार्य किया गया है। किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों और पशुपालकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। मंत्री बहुगुणा ने सभी पशु रोग नियंत्रण चौकियों पर एक्टिव रहने और स्क्रीनिंग की व्यवस्था चाक-चौबंद रखने के निर्देश दिए हैं।

30 अप्रैल से शुरू हो रही है चारधाम यात्रा, पंजीकरण का रिकॉर्ड

गौरतलब है कि इस वर्ष चारधाम यात्रा 30 अप्रैल को अक्षय तृतीया (Akshaya Tritiya) के दिन गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने के साथ शुरू हो रही है। इसके बाद 2 मई को केदारनाथ और 4 मई को बद्रीनाथ धाम के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोले जाएंगे। इस बार यात्रा को लेकर भक्तों में जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है। अभी तक रिकॉर्ड संख्या में ऑनलाइन पंजीकरण (Online Registration) हो चुके हैं। सरकार को उम्मीद है कि इस बार पिछली यात्राओं का रिकॉर्ड टूट सकता है।

वायरस से निपटने के लिए सरकार की रणनीति

एक्वाईन इन्फ्लुएंजा वायरस जानवरों में फैलने वाला एक अत्यंत संक्रामक रोग है, जो विशेष रूप से अश्ववंशीय पशुओं को प्रभावित करता है। यदि समय रहते इस पर नियंत्रण नहीं पाया गया तो यात्रा के दौरान पशुओं से मानवों में संक्रमण फैलने का भी खतरा हो सकता है। इसलिए उत्तराखंड सरकार ने वायरस की रोकथाम के लिए रणनीतिक रूप से काम शुरू कर दिया है। पशुओं की व्यापक जांच, क्वारंटीन, स्क्रीनिंग और रिपोर्टिंग को अनिवार्य बनाने जैसे कदम इस दिशा में उठाए गए हैं।

यात्रा की तैयारी पर संकट की छाया, लेकिन प्रशासन मुस्तैद

चारधाम यात्रा न सिर्फ धार्मिक, बल्कि उत्तराखंड की आर्थ‍िक रीढ़ मानी जाती है। हर साल लाखों श्रद्धालु देश-विदेश से यहां आते हैं। घोड़े-खच्चरों का उपयोग केदारनाथ जैसे दुर्गम स्थलों की यात्रा के लिए किया जाता है। ऐसे में वायरस का पाया जाना चिंता बढ़ाने वाला है। हालांकि, सरकार और प्रशासन की तत्परता को देखते हुए ऐसा लगता है कि संक्रमण को समय रहते नियंत्रित कर लिया जाएगा। अब देखना होगा कि आगे जांच रिपोर्ट्स क्या संकेत देती हैं और यात्रा पर इसका क्या असर पड़ता है।

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