
सरकारी टेलिकॉम कंपनी बीएसएनएल (BSNL) ने भारत में 5जी नेटवर्क (5G Network) की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया है। बीएसएनएल ने जयपुर, लखनऊ, चंडीगढ़, और अन्य प्रमुख शहरों में 5जी नेटवर्क की टेस्टिंग शुरू कर दी है। कंपनी का लक्ष्य है कि जून 2025 तक 1 लाख 4जी मोबाइल टावर (4G Mobile Towers) पूरे देश में इंस्टॉल किए जाएं, जिन्हें आगे चलकर 5जी में अपग्रेड किया जा सकेगा। इस प्रयास से जल्द ही देश में बीएसएनएल की 5जी सेवाओं का रोलआउट संभव हो पाएगा।
कई राज्यों की राजधानियों में चल रही है 5G टेस्टिंग
एक रिपोर्ट के अनुसार, बीएसएनएल ने देश के कई शहरों में 5जी इन्फ्रास्ट्रक्चर (5G Infrastructure) की टेस्टिंग शुरू की है। इनमें जयपुर, लखनऊ और चंडीगढ़ के साथ-साथ भोपाल, कोलकाता, पटना, हैदराबाद और चेन्नई जैसे बड़े शहर शामिल हैं। इसके अलावा, कुछ अन्य राज्यों की राजधानियों में भी 5जी नेटवर्क साइट्स (5G Network Sites) पर परीक्षण चल रहा है।
बीएसएनएल की यह रणनीति उन टेलिकॉम सर्कलों पर केंद्रित है जहां कंपनी की पकड़ पहले से मजबूत है। रिपोर्टों में यह भी कहा गया है कि कानपुर, पुणे और विजयवाड़ा जैसे शहरों में भी बेस ट्रांसीवर स्टेशन (Base Transceiver Station) लगाए जा रहे हैं।
जून तक तैयार होंगे 1 लाख 4G टावर
बीएसएनएल का यह 5जी मिशन एक बड़े तकनीकी बदलाव का संकेत है। कंपनी ने बताया है कि जून 2025 तक देशभर में 1 लाख स्वदेशी 4जी मोबाइल टावर लगाए जाएंगे। ये टावर 5G अपग्रेडेबल होंगे, यानी इन्हें बिना अतिरिक्त बड़े निवेश के भविष्य में 5जी में बदला जा सकेगा। यह काम आत्मनिर्भर भारत योजना (Aatmanirbhar Bharat Yojana) के अंतर्गत किया जा रहा है, जो देश को अपनी तकनीकी जरूरतों में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने जानकारी दी थी कि भारत अब उन पांच देशों में शामिल हो गया है, जिनके पास अपनी खुद की टेलिकॉम तकनीक (Telecom Technology) है। यह देश के लिए एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
बीएसएनएल बनी चौथी 5G सर्विस प्रोवाइडर बनने की रेस में
यदि बीएसएनएल की यह योजना समय पर सफल हो जाती है, तो वह देश की चौथी 5जी टेलिकॉम सर्विस प्रोवाइडर (5G Telecom Service Provider) बन जाएगी। अभी तक भारत में जियो (Jio), एयरटेल (Airtel) और वीआई (Vi) ही 5जी सेवाएं प्रदान कर रहे हैं। बीएसएनएल के शामिल होते ही प्रतिस्पर्धा और तेज होगी और यूजर्स को बेहतर विकल्प मिल सकेंगे।
विशेषज्ञों का मानना है कि बीएसएनएल का 5जी में प्रवेश ग्रामीण और दूरस्थ इलाकों में हाई-स्पीड इंटरनेट (High-Speed Internet) पहुंचाने के लिए अहम साबित होगा।
अप्रैल बना ‘कस्टमर सर्विस मंथ’, कंपनी ने किया सरप्राइज का वादा
बीएसएनएल ने अप्रैल 2025 को कस्टमर सर्विस मंथ (Customer Service Month) के रूप में घोषित किया है। इस दौरान कंपनी ग्राहक अनुभव को बेहतर बनाने पर फोकस कर रही है। बीएसएनएल ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक वीडियो जारी कर कहा है कि “बड़े सरप्राइज आने वाले हैं”, जिससे ग्राहकों के बीच उत्साह और बढ़ गया है।
इस अभियान के तहत ग्राहक सेवा में सुधार, नेटवर्क अपग्रेडेशन और नई योजनाओं के लॉन्च की उम्मीद की जा रही है।
18 साल बाद हुआ मुनाफा, अब 6G की ओर बढ़ रही है कंपनी
बीएसएनएल के लिए यह साल कई मायनों में ऐतिहासिक रहा है। कंपनी 18 साल बाद मुनाफे (Profit after 18 Years) में आई है। इसके पीछे सरकार का मजबूत समर्थन, स्वदेशी तकनीक पर जोर और कंपनी की रणनीतिक योजना है। अब कंपनी 5जी के साथ-साथ 6जी तकनीक (6G Technology) पर भी काम शुरू कर चुकी है।
केंद्रीय मंत्री सिंधिया के अनुसार, सरकार ने पहले ही 6जी से संबंधित अनुसंधान और विकास की योजनाओं पर काम शुरू कर दिया है, जिससे भारत वैश्विक स्तर पर टेलिकॉम तकनीक में अग्रणी बन सके।
बीएसएनएल की वापसी से बदल सकता है टेलिकॉम बाजार का समीकरण
बीएसएनएल का 5जी में आना सिर्फ तकनीकी उन्नति नहीं, बल्कि भारतीय टेलिकॉम इंडस्ट्री (Indian Telecom Industry) में बड़े बदलाव की आहट है। सरकारी कंपनी का नेटवर्क ग्रामीण इलाकों तक फैला हुआ है, और 5जी के साथ उसकी पकड़ और मजबूत हो सकती है। यह न केवल डिजिटल इंडिया (Digital India) के लक्ष्य को मजबूत करेगा, बल्कि अन्य कंपनियों को भी बेहतर सेवा देने के लिए प्रेरित करेगा।
बीएसएनएल की यह रणनीति आम ग्राहकों को सस्ते और बेहतर विकल्प देने की दिशा में मील का पत्थर साबित हो सकती है।