
बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) ने कक्षा 10वीं (Matric) के छात्रों के लिए स्क्रूटनी प्रक्रिया-Scrutiny Process की शुरुआत कर दी है। जो छात्र अपने प्राप्त अंकों से संतुष्ट नहीं हैं, वे अब अपनी उत्तर पुस्तिकाओं के पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन कर सकते हैं। यह प्रक्रिया छात्रों को मूल्यांकन में हुई किसी भी संभावित त्रुटि को सुधारने का अवसर देती है। आवेदन की समय-सीमा 4 अप्रैल 2025 से 12 अप्रैल 2025 तक तय की गई है।
स्क्रूटनी प्रक्रिया क्या होती है और इसका उद्देश्य क्या है?
स्क्रूटनी एक प्रक्रिया है जिसमें छात्रों की उत्तर पुस्तिकाओं की दोबारा जांच की जाती है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि मूल्यांकन में कोई गलती न रह गई हो। इसमें यह देखा जाता है कि सभी प्रश्नों की जांच की गई है या नहीं, जो अंक दिए गए हैं वो सही तरीके से जोड़े गए हैं या नहीं और अंक सही तरीके से मार्क्स शीट में चढ़ाए गए हैं या नहीं।
हालांकि यह ध्यान देना जरूरी है कि स्क्रूटनी के बाद छात्र के अंकों में वृद्धि (Increase), कमी (Decrease) या कोई बदलाव न होना (No Change) — तीनों में से कोई भी परिणाम संभव है। इसलिए स्क्रूटनी के लिए आवेदन करते समय छात्रों को इन सभी संभावनाओं को ध्यान में रखना चाहिए।
किन विषयों की स्क्रूटनी कराई जा सकती है?
छात्र किसी भी उस विषय की स्क्रूटनी के लिए आवेदन कर सकते हैं जिसमें उन्हें लगता है कि उन्हें अपेक्षा से कम अंक मिले हैं। यह हिंदी, गणित, विज्ञान, सामाजिक विज्ञान या अंग्रेजी जैसे किसी भी विषय से संबंधित हो सकता है।
हालांकि यह स्पष्ट रूप से कहा गया है कि किसी विषय में अंक बढ़ेंगे या नहीं, यह पूरी तरह पुनर्मूल्यांकन के परिणाम पर निर्भर करता है। इसलिए छात्रों को इस प्रक्रिया को एक अवसर के रूप में देखना चाहिए, लेकिन परिणाम को लेकर कोई पूर्वानुमान नहीं लगाना चाहिए।
आवेदन करने की आधिकारिक प्रक्रिया
बिहार बोर्ड ने स्क्रूटनी प्रक्रिया को पूरी तरह ऑनलाइन बना दिया है। छात्र नीचे दिए गए तरीकों से स्क्रूटनी के लिए आवेदन कर सकते हैं:
सबसे पहले छात्र को बिहार बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट secondary.biharboardonline.com पर जाना होगा।
यहां “स्क्रूटनी” या “Scrutiny Application 2025” के लिंक पर क्लिक करना होगा।
इसके बाद छात्र को अपना रोल कोड, रोल नंबर और पंजीकरण संख्या भरनी होगी।
इसके बाद सिस्टम एक एप्लिकेशन आईडी और पासवर्ड जेनरेट करेगा, जिससे छात्र लॉग इन कर सकेंगे।
लॉग इन करने के बाद छात्र को उन विषयों का चयन करना होगा जिनमें वह स्क्रूटनी कराना चाहते हैं।
हर विषय के लिए ₹120 का स्क्रूटनी शुल्क (Scrutiny Fee) ऑनलाइन माध्यम से भुगतान करना होगा।
इस पूरी प्रक्रिया को 4 अप्रैल से पहले नहीं किया जा सकता, और 12 अप्रैल के बाद कोई आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा।
स्क्रूटनी के परिणाम कब आएंगे?
बोर्ड ने अभी तक स्क्रूटनी परिणामों की आधिकारिक तारीख घोषित नहीं की है, लेकिन पिछले वर्षों के ट्रेंड को देखते हुए यह अनुमान लगाया जा सकता है कि स्क्रूटनी के परिणाम 20 से 30 दिन के भीतर जारी कर दिए जाएंगे। छात्रों को सलाह दी जाती है कि वे नियमित रूप से आधिकारिक वेबसाइट पर नजर बनाए रखें और अपना मोबाइल नंबर तथा ईमेल ID अपडेट रखें ताकि किसी भी सूचना को मिस न करें।
स्क्रूटनी के फायदे और जोखिम
जहां एक ओर स्क्रूटनी के माध्यम से छात्रों को अपने अंकों में सुधार का अवसर मिलता है, वहीं दूसरी ओर इसमें यह भी जोखिम होता है कि कहीं अंकों में कटौती न हो जाए। बोर्ड ने स्पष्ट कर दिया है कि स्क्रूटनी के बाद अंक बढ़ सकते हैं, घट सकते हैं या फिर यथावत भी रह सकते हैं।
इसलिए यह निर्णय सोच-समझकर लेना चाहिए, खासकर उन छात्रों को जिनके अंक पहले से ही पासिंग सीमा पर हैं। हालांकि, जिन छात्रों को यकीन है कि उनकी कॉपी सही से जांची नहीं गई है, उनके लिए यह एक बेहतरीन मौका हो सकता है।
स्क्रूटनी 2025: छात्रों के लिए अहम अवसर
बिहार बोर्ड की यह पहल छात्रों को एक पारदर्शी और न्यायपूर्ण मूल्यांकन सुनिश्चित करने की दिशा में उठाया गया एक कदम है। स्क्रूटनी के माध्यम से बोर्ड छात्रों को यह भरोसा दिलाता है कि उनकी मेहनत का मूल्यांकन ईमानदारी से किया गया है।
छात्रों और अभिभावकों को चाहिए कि वे इस प्रक्रिया को गंभीरता से लें और समय-सीमा के भीतर आवेदन करना न भूलें।