
राजस्थान की उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने हाल ही में एक अहम घोषणा करते हुए बताया कि केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने राज्य के लिए 21 नई राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं (National Highway Projects) को मंजूरी दी है। इन परियोजनाओं की कुल लागत लगभग ₹5,000 करोड़ होगी। इस फैसले को राज्य के सड़क अवसंरचना विकास (Road Infrastructure Development) में एक बड़ा कदम माना जा रहा है, जो भविष्य में यातायात सुविधा, कनेक्टिविटी और आर्थिक प्रगति को नई गति देगा।
नागौर से करौली तक सड़क नेटवर्क का विस्तार, कई शहरों को जोड़ेगा फोर लेन
इस स्वीकृति के तहत नागौर-नेत्रा रोड का विस्तार चार लेन (Four Lane) में किया जाएगा, जिससे इस रूट पर ट्रैफिक का दबाव कम होगा और यात्रा का समय घटेगा। साथ ही रायपुर-जस्साखेड़ा रोड का भी निर्माण किया जाएगा जो अब तक पिछड़े इलाकों को मुख्य मार्ग से जोड़ने में कारगर साबित होगा।
इसके अलावा गंगापुर सिटी बाईपास और करौली बाईपास का निर्माण भी इन परियोजनाओं में शामिल है। इन बाईपासों से शहरी यातायात को राहत मिलेगी और भारी वाहनों को शहरों से बाहर डायवर्ट किया जा सकेगा।
सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए 13 ब्लैक स्पॉट्स होंगे सुधारे
सड़क सुरक्षा (Road Safety) को ध्यान में रखते हुए परियोजनाओं में 13 दुर्घटना संभावित ब्लैक स्पॉट्स (Black Spots) की पहचान की गई है, जिनका उन्नयन और पुनर्निर्माण किया जाएगा। इन स्थानों पर ट्रैफिक सिग्नल, संकेतक, लाइटिंग और बेहतर सड़कीय डिजाइन के माध्यम से दुर्घटनाओं की आशंका को कम करने का प्रयास किया जाएगा।
प्रधानमंत्री मोदी और नितिन गडकरी को दिया कुमारी ने जताया आभार
उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने इस उपलब्धि के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान सरकार राज्य में विकास के नए मानक स्थापित कर रही है और सड़क क्षेत्र में यह फैसला उसी दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा।
राज्य योजना में रिकॉर्ड बजट: ₹12,620 करोड़ से बढ़ाकर ₹17,384 करोड़
दिया कुमारी ने बताया कि पिछले वर्ष राज्य योजना के अंतर्गत सड़क, पुल, आरओबी/आरयूबी (ROB/RUB) के निर्माण के लिए ₹12,620 करोड़ खर्च किए गए, जो अब तक का सबसे अधिक निवेश था। इस वर्ष इस बजट को और अधिक बढ़ाकर ₹17,384 करोड़ कर दिया गया है। इस राशि से ग्रामीण सड़कें, प्रमुख जिला सड़कें (MDR) और राज्य राजमार्ग (State Highways) का निर्माण किया जाएगा।
यह बजट न केवल नई सड़कों के निर्माण में मदद करेगा बल्कि पहले से बनी सड़कों के रखरखाव और विस्तार को भी गति देगा। इससे रोजगार सृजन, व्यापारिक गतिविधियों और कृषि-आधारित लॉजिस्टिक्स को भी बढ़ावा मिलेगा।
केंद्रीय सड़क आधारभूत निधि से अधिकतम फंड प्राप्त
अतिरिक्त मुख्य सचिव प्रवीण गुप्ता ने बताया कि उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी की सक्रिय भूमिका और लगातार प्रभावी मॉनिटरिंग के चलते राजस्थान को केंद्रीय सड़क आधारभूत निधि (CRIF) से अब तक की सबसे अधिक राशि प्राप्त हुई है। पिछले वर्षों की संचयी निधि भी इस बार शामिल की गई है, जिससे उम्मीद है कि राज्य में सड़क अवसंरचना का चेहरा पूरी तरह बदल जाएगा।
राजस्थान को मिल सकता है सड़क क्षेत्र में राष्ट्रीय नेतृत्व
इन परियोजनाओं के सफल क्रियान्वयन के बाद राजस्थान न केवल उत्तर भारत, बल्कि देशभर में सड़क नेटवर्क की गुणवत्ता और कनेक्टिविटी के लिए मिसाल बन सकता है। विशेषकर टूरिज्म, ट्रांसपोर्ट और कृषि आधारित व्यापार को इससे विशेष लाभ मिलेगा। साथ ही, राष्ट्रीय राजमार्गों से जुड़े छोटे शहर और कस्बे विकास की मुख्यधारा में तेजी से शामिल हो सकेंगे।